21वीं सदी के 'विवेकानंद' हैं ब्रह्मविहारी स्वामी

श्रेणी : videos | लेखक : The Hindu Today | दिनांक : 10 February 2026 11:15

विदेशी धरती पर जन्म और पालन-पोषण होने के बावजूद ब्रह्मविहारी स्वामी ने सनातन संस्कृति, शिक्षा और आध्यात्म को वैश्विक स्तर पर फैलाने का अद्भुत मिशन निभाया है. उनका काम हमें 19वीं सदी के उस दौर की याद दिलाता है, जब स्वामी विवेकानंद ने शिकागो से पूरी पश्चिमी दुनिया को भारतीय दर्शन, आध्यात्म और सनातन परंपरा से परिचित कराया और उनमें विश्वास जगाया.

आज ब्रह्मविहारी स्वामी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. बीएपीएस स्वामिनारायण संस्था के माध्यम से उन्होंने ब्रिटेन से लेकर दुनियाभर में सनातन संस्कृति, दर्शन और आध्यात्म का प्रचार-प्रसार किया है. उनके शैक्षणिक प्रवचन, भाषण और संबोधन न केवल धार्मिक ज्ञान और शिक्षा को बढ़ावा देते हैं, बल्कि विभिन्न समुदायों में सहिष्णुता और सद्भाव की भावना भी पैदा करते हैं.

संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में बना भव्य हिंदू मंदिर इस मिशन का जीवंत प्रमाण है. इस मंदिर का निर्माण वहां की सरकार और शासकीय समर्थन के साथ हुआ, जो बताता है कि ब्रह्मविहारी स्वामी की प्रतिष्ठा और प्रभाव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है.

21वीं सदी में ब्रह्मविहारी स्वामी का मिशन न केवल स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं और कार्यों को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि इसे आधुनिक वैश्विक संदर्भ में सशक्त और प्रासंगिक भी बना रहा है. उनका योगदान सनातन संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.