श्रेणी : समाचार | लेखक : Tamishree Mukherjee | दिनांक : 26 August 2026 20:30
फ्रांस
की राजधानी पेरिस के बुसी-सेंट-जॉर्जेस में BAPS स्वामीनारायण हिंदू मंदिर का भव्य उद्घाटन
होने जा रहा है।
यह ऐतिहासिक अवसर न केवल
भारतीय समुदाय के लिए गर्व
का क्षण है, बल्कि
भारत और फ्रांस के
बीच मजबूत होते सांस्कृतिक संबंधों
का भी प्रतीक है।
यह मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल
नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद, सामुदायिक एकता और वैश्विक
सौहार्द का केंद्र बनने
जा रहा है।
13 दिवसीय
'संस्कृति महोत्सव' के साथ होगा उद्घाटन
मंदिर
परिसर का आधिकारिक उद्घाटन
2 से 14 सितंबर तक आयोजित 13 दिवसीय
भव्य ‘संस्कृति महोत्सव’ के साथ किया
जाएगा। इस ऐतिहासिक समारोह
का मुख्य आकर्षण 6 सितंबर को होने वाली
प्राण-प्रतिष्ठा है, जिसे महंत
स्वामी महाराज के पावन कर-कमलों द्वारा संपन्न किया जाएगा।
महोत्सव
के प्रमुख कार्यक्रम:
इस महोत्सव में फ्रांस समेत
दुनिया भर से हजारों
श्रद्धालुओं के शामिल होने
की उम्मीद है, जो इसे
एक वैश्विक सांस्कृतिक आयोजन बना देता है।
मंदिर
की वास्तुकला और विशेषताएं
यह भव्य मंदिर पारंपरिक
भारतीय शिल्पकला और आधुनिक फ्रेंच
इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम
है। लगभग 5,000 वर्ग मीटर में
फैले इस परिसर की
प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
मंदिर
निर्माण के लिए ग्रीस,
इटली, वियतनाम और भारत से
विशेष संगमरमर तथा ग्वालियर से
बलुआ पत्थर मंगाए गए। इन पत्थरों
को भारत के कुशल
कारीगरों ने हाथों से
तराशा और फिर फ्रांस
में स्थापित किया गया।
सांस्कृतिक
एकता का संदेश
महंत
स्वामी महाराज ने इस अवसर
पर कहा कि यह
मंदिर किसी एक समुदाय
की पहचान को स्थापित करने
के लिए नहीं, बल्कि
विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों के
लोगों को एक मंच
पर लाने के लिए
बनाया गया है। उन्होंने
कहा कि भले ही
हमारे रास्ते अलग हों, लेकिन
सम्मान और सहअस्तित्व की
भावना हमें जोड़ती है।
वैश्विक
स्तर पर भारतीय संस्कृति का प्रसार
BAPS स्वामीनारायण
संस्था द्वारा निर्मित यह मंदिर विश्वभर
में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के
प्रसार का एक और
महत्वपूर्ण कदम है। यह
स्थल आने वाले समय
में न केवल धार्मिक
गतिविधियों का केंद्र बनेगा,
बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शैक्षणिक गतिविधियों और सामाजिक सेवा
के माध्यम से समाज को
जोड़ने का कार्य भी
करेगा।
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