बदलता रहा प्रवाह, यमुना और गोवर्धन पर्वत में बढ़ गई दूरी

बदलता रहा प्रवाह, यमुना और गोवर्धन पर्वत में बढ़ गई दूरी

श्रेणी : अन्य | लेखक : editor | दिनांक : 30 September 2022 04:21

मथुरा में यमुना नदी का प्रवाह प्राचीनकाल से ही बदलता रहा है। डा. उमा भाष्कर ने अपनी मथुरा माहात्म्य में लिखा है कि मधु और शत्रुघ्न के समय में यमुना की धारा उस स्थान के पास से बहती  रही होगी, जिसे अब महोली कहते हैं। वर्तमान मथुरा नगरी और महोली के बीच में बहुत से पुराने टीले दिखाई पड़ते हैं। इन टीलों से विविध यानी कई प्राचीन अवशेष बड़ी संख्या में प्राप्त हुए हैं, जिनसे इस बात की पुष्टि होती है कि उधर पुरानी बस्ती थी। इस भू-भाग की अधिक व्यवस्थित खुदाई होने पर संभवत: इस बात का पता चल सकेगा कि विभिन्न कालों में मथुरा की बस्ती में किस प्रकार परिवर्तन हुए।   

वराह पुराण के अनुसार किसी समय मथुरा नगरी गोवर्धन पर्वत और यमुना नदी के बीच बसी हुई थी और उनके बीच की दूरी अधिक नहीं थी। वर्तमान स्थिति ऐसी नहीं है, क्योंकि अब गोवर्धन यमुना से काफी दूर है। प्रतीत होता है कि किसी समय गोवर्धन और यमुना के बीच इतनी दूरी न रही होगी, जितनी आज है। हरिवंश पुराण में भी इस प्रकार के संकेत मिलते हैं। पश्चिम जर्मनी के पुरातत्वज्ञ प्रोफेसर हर्टल ने यमुना और गोवर्धन पर्वत में लगभग 13 किलोमीटर दूरी बताई है, जबकि वर्तमान समय में दोनों के बीच 20 किलोमीटर से अधिक की दूरी हो गई है। 

बदलता रहा प्रवाह, यमुना और गोवर्धन पर्वत में बढ़ गई दूरी

2 यमुना और गोवर्धन पर्वत क्या हो रहे हैं दूर ?